गणेश देवता हिंदू संस्कृति के एक बहुत आदरणीय व पूजनीय आकृति हैं। उनके अनेक रूपों से 'गणेश', 'विनायक', 'गणपति' प्रमुख हैं। यह सरस्वती के जाना जाता है और बाधाओं के निवारक के रूप के रूप में जाने जाते हैं। हर मंगलमय कार्य की आरंभ के बाद उनकी वंदना की नहीं की जाती। गणपति की कथाएँ कई पौराणिक में कही गई हैं, जिन्हें सभी {जानते हैं|सुनते हैं|पढ़ते हैं|।
विनायक: बाधाओं के विघ्नहर्ता
विनायक, जिसे श्री गणेश भी पुकारा जाता है, हिन्दू धर्म में एक अत्यंत सम्मानित देवता हैं। उन्हें अड़चनों के नाश करने वाले के रूप में पूजा जाता है। उसका स्वरूप अद्भुत है, जिसमें एक हाथी का मुख , एक अति पेट और एक छोटे मूषक वाहन होता है । विनायक शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए पूरे भारत में जाने-माने हैं, और श्रद्धालु उसके कृपा प्राप्त के लिए अर्चन करते हैं ताकि जीवन में आने वाली समस्याओं को समाप्त किया जा सके। उनके कथाएँ कई पुराणों में वर्णित हैं, जो उसके दिव्य शक्ति और दया को दर्शाती करती हैं।
गणेश चालीसा: भक्तिभाव और महिमा
गणेश चालीसा एक अत्यंत लोकप्रिय Hindu विधि है, जो भगवान विनायक की भक्ति के लिए समर्पित है। यह स्तोत्र उनकी अनुपम महिमा और अनुग्रह का वर्णन करता है। गणेश चालीसा का निरंतर पाठ करने से बाधा दूर होते हैं और उन्नति प्राप्त होती है। माना जाता है कि यह चित्त की प्रसन्नता के लिए भी अत्यंत लाभकारी है, और जीवन के समस्त दुखों से मुक्ति दिलाता है। कई अनुयायी here गणेश चालीसा के जाप से अपने अनुभव में सकारात्मक परिवर्तन महसूस करते हैं।
गणेश भगवान का वर्णन
पौराणिक वर्णन के अनुसार, गणपति की उत्पत्ति कई कथाओं में मिलती है। एक लोकप्रिय कथा के अनुसार, उन्हें शंभु और देवी पार्वती के पुत्र के रूप में जाना जाता है। एक बार , देवी पार्वती ने अपने लाड़ले गणेश जी को अपने शरीर से बनाया था, जो उनके मनोरंजन के लिए थे। तब , भगवान शिव ने उन्हें दृष्टि नहीं दिया, क्योंकि वह एक यती के रूप में थे, और इसलिए गणेश जी को अपनी प्रचंडता से उनका सिर छेदन करना पड़ा था। बाद में, देवताओं ने एक हाथी का सिर लगाया) और गणेश जी को एक अद्वितीय देवता के रूप में स्थापित किया गया। ऐसे वे सभी अड़चनों को विनाश करने वाले के रूप में पूजित होते हैं।
गणेश की आरती: सुबह की उपासना
प्रातःकाल में गणेश भगवान की पूजा करना अत्यंत है। यह विघ्नहर्ता देवता को समर्पित एक दिव्य स्तोत्र है, जिसे पढ़ने से मन में प्रसन्नता छा जाती है। सुबह के समय गणेश पूजन करने से हर प्रकार के परेशानियां समाप्त हैं और प्रगति मिलती है। यह एक विधि है सौभाग्य लाने की और संसार में खुशियां लाने की।
गणेश : बुद्धि और धन के द्योतक
गणपति, जिन्हें गजानन के नाम से भी जाना जाता है, पूरे भारत में विख्यात हैं। वह सिद्धि के अधिपति माने जाते हैं, और उनकी आराधना से रुकावटें दूर होती हैं और आरंभ अच्छी होती है। देवताओं में, गणपति को मूढ़ता के विध्वंसक और ज्ञान के आपूर्तिकर्ता के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। अतः, उन्हें प्रत्येक मंगलमय कार्यों से पहले प्रणाम किया जाता है। उनकी विग्रह प्रायः एक अति महान अवस्था में प्रतीत होती है, जो शक्ति और संपदा का प्रतिनिधित्व करती है।